परिचय
ऊर्जा किसी कार्य को करने की क्षमता होती है। ऊर्जा विभिन्न रूपों में पाई जाती है जैसे स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा, यांत्रिक ऊर्जा, ऊष्मा ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा। हमारे दैनिक जीवन में ऊर्जा निरंतर एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती रहती है।

ऊर्जा संरक्षण का नियम कहता है कि
ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है।
यह कार्यशील मॉडल पुली, धागे और घूमते पहिए की सहायता से यह दर्शाता है कि कैसे स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और घूर्णन यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है, जबकि कुल ऊर्जा समान बनी रहती है।
परियोजना का उद्देश्य
इस मॉडल का उद्देश्य सरल यांत्रिक व्यवस्था द्वारा यह सिद्ध करना है कि:
- ऊर्जा का संरक्षण होता है
- ऊर्जा केवल रूप बदलती है, नष्ट नहीं होती
आवश्यक सामग्री
- मोटा कार्डबोर्ड या थर्माकोल (आधार के लिए)
- चार लकड़ी/कार्डबोर्ड की पट्टियाँ (खंभे)
- ऊपर लगाने के लिए कार्डबोर्ड की पट्टी
- मजबूत धागा
- गोल पहिया (सीडी / टेप रोल / कार्डबोर्ड डिस्क)
- लकड़ी की सींक या पतली रॉड (एक्सल)
- छोटा भार (नट-बोल्ट / पत्थर)
- गोंद (फेविकोल या हॉट ग्लू)
- कैंची और कटर
- रंग व चार्ट पेपर (सजावट हेतु)
मॉडल बनाने की विधि
चरण 1: आधार बनाना
एक आयताकार मोटा कार्डबोर्ड लें और उसे रंगीन कागज से ढक दें। यही पूरे मॉडल का आधार होगा।
चरण 2: खड़े खंभे लगाना
चार समान ऊँचाई के खंभों को आधार पर खड़ा करके चिपकाएँ। ऊपर से इन्हें कार्डबोर्ड की पट्टी से जोड़ दें ताकि एक मजबूत फ्रेम बन जाए।
चरण 3: घूमता पहिया लगाना
पहिए के केंद्र में छेद करें और उसमें लकड़ी की सींक डालें। इसे ऊपर के फ्रेम पर इस तरह लगाएँ कि पहिया आसानी से घूम सके।
चरण 4: धागा और भार जोड़ना
धागे का एक सिरा पहिए के एक्सल या किनारे से बाँधें और दूसरे सिरे पर भार लटका दें। ध्यान रखें कि धागा ठीक से लिपटा हो।
चरण 5: जाँच और सजावट
देखें कि:
- पहिया आसानी से घूम रहा है
- भार ऊपर–नीचे स्वतंत्र रूप से चल रहा है
अब मॉडल को सजाएँ और भागों पर नाम लिखें।
मॉडल की कार्यप्रणाली (Working)
जब भार को ऊपर उठाया जाता है, तो उसमें स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) होती है।
जैसे ही भार छोड़ा जाता है:
- भार नीचे गिरता है
- स्थितिज ऊर्जा → गतिज ऊर्जा में बदलती है
- यह ऊर्जा पहिए को घुमाती है
- पहिए में घूर्णन यांत्रिक ऊर्जा संचित होती है
जब भार नीचे पहुँच जाता है, तब भी पहिया कुछ समय तक घूमता रहता है। यह दर्शाता है कि ऊर्जा समाप्त नहीं हुई बल्कि रूप बदल चुकी है।
वैज्ञानिक सिद्धांत
ऊर्जा संरक्षण का नियम
ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है। यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है।
ऊर्जा रूपांतरण इस मॉडल में
- स्थितिज ऊर्जा – जब भार ऊँचाई पर होता है
- गतिज ऊर्जा – जब भार गिरता है
- घूर्णन यांत्रिक ऊर्जा – जब पहिया घूमता है
- थोड़ी ऊर्जा ऊष्मा व ध्वनि में बदल जाती है (घर्षण के कारण)
दैनिक जीवन में उपयोग
- जलविद्युत संयंत्र
- लिफ्ट और पुली सिस्टम
- इंजन के फ्लाईव्हील
- घड़ियाँ
- रोलर कोस्टर
मॉडल के लाभ
- कम लागत वाला
- बनाना आसान
- देखने में आकर्षक
- विज्ञान प्रदर्शनी के लिए उपयुक्त
- विवा में समझाना सरल
निष्कर्ष
यह कार्यशील मॉडल सफलतापूर्वक सिद्ध करता है कि ऊर्जा का संरक्षण होता है। भार की गति और पहिए का घूमना यह दिखाता है कि ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है, परंतु नष्ट नहीं होती। यह मॉडल छात्रों को ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत व्यवहारिक रूप से समझने में सहायता करता है।